Wednesday, 17 December 2014

तीन चीजे

॰. तीन चीजों में मन लगाने से उन्नति होती है -
ईश्वर, परिश्रम और विद्या।


•. तीन चीजों को कभी छोटी ना समझे - 

बीमारी, कर्जा और शत्रु।


•. तीनों चीजों को हमेशा वश में रखो - 
मन, काम और लोभ।


•.
तीन चीज़ें निकलने पर वापिस नहीं आती - 
तीर कमान से, बात जुबान से और प्राण शरीर से।


•.
तीन चीज़ें कमज़ोर बना देती है - 
बदचलनी, क्रोध और लालच।


•.
तीन चीज़ें कोई चुरा नहीं सकता - 
अकल, चरित्र और हुनर।


•.
तीन व्यक्ति वक़्त पर पहचाने जाते हैं - 
स्त्री, भाई और दोस्त।


•.
तीनों व्यक्ति का सम्मान करो -
माता, पिता और गुरु।


•.
तीनों व्यक्ति पर सदा दया करो -
बालक, भूखे और पागल।


•.
तीन चीज़े कभी नहीं भूलनी चाहिए -
कर्ज़, मर्ज़ और फर्ज़।


•.
तीन बातें कभी मत भूलें -
उपकार, उपदेश और उदारता।

•.
तीन चीज़े याद रखना ज़रुरी हैं -
सच्चाई, कर्तव्य और मृत्यु।


•.
तीन बातें चरित्र को गिरा देती हैं - 
चोरी, निंदा और झूठ।


•.
तीन चीज़ें हमेशा दिल में रखनी चाहिए -
नम्रता, दया और माफ़ी।


•.
तीन चीज़ों पर कब्ज़ा करो -
ज़बान, आदत और गुस्सा।


•.
तीन चीज़ों से दूर भागो -
आलस्य, खुशामद और बकवास।

•.
तीन चीज़ों के लिए मर मिटो -
धेर्य, देश और मित्र।


•.
तीन चीज़ें इंसान की अपनी होती हैं -
रूप, भाग्य और स्वभाव।


•.
तीन चीजों पर अभिमान मत करो
धन, ताकत और सुन्दरता।


•.
तीन चीज़ें अगर चली गयी तो कभी वापस नहीं आती -
समय, शब्द और अवसर।


•.
तीन चीज़ें इन्सान कभी नहीं खो सकता -
शान्ति, आशा और ईमानदारी।


•.
तीन चीज़ें जो सबसे अमूल्य है -
प्यार, आत्मविश्वास और सच्चा मित्र।

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